गुण व उपयोग: सुपारी पाक के सेवन से स्त्रियों की योनि से होने वाले विभिन्न प्रकार के स्राव (प्रदर) नष्ट होते हैं, बन्ध्यत्व दोष को नष्ट करके उन्हे सन्तानोपत्ति योग्य बना देता है। पुरूषों के शीघ्रपतन व शुक्रपतन एवं शुक्रमेह रोग में अत्यन्त गुणकारी है। गर्भाशय को शक्ति देता है व योनि को संकुचित करता है। विशेषतय:प्रसूता स्त्रियों के लिए अतिशय गुणकारी है। इसके सेवन से प्रौढ़ा स्त्री भी कान्तियुक्त हो जाती है। प्रदर रोग के कारण होने वाले कमर दर्द, सिर दर्द रहना, कमजोरी आदि में उत्तम लाभ करता है। स्त्रियों में अमृततुल्य लाभ करता है।

मात्रा व अनुपान: 10 से 20 ग्राम, सुबह-शाम, गाय के दूध के साथ।

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