गुण व उपयोग: नींबू का शर्बत पित्त विकार, मन्दाग्नि, अरूचि, तृषा, उबाक, अजीर्ण, मलावरोध, रक्तदोष आदि दूर करता है। इससे अग्नि प्रदीप्त होती है। इसके सेवन से गर्मी में सूर्य से उत्पन्न व्याकुलता व पित्त प्रकोप शांत होते हैं।

मात्रा व अनुपान: 10 से 20 ग्राम, आवश्यकतानुसार पानी में मिलाकर।

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