Latest Blogs

Write By: admin Published In: Health Hits: 505 Comment: 0

सेहत के लिए जैतून के तेल के फायदे

सेहत के लिए जैतून के तेल के कई फायदे होते हैं, जिनके बारे में शायद कुछ लोग जानते होंगे और कुछ अनजान होंगे।

1. वजन कम करने के लिए जैतून का तेल

आजकल की जीवनशैली में कोई भी खान-पान पर ध्यान नहीं देता। वक्त की कमी के कारण लोग बाहर का तला-भूना खा लेते हैं और कभी-कभी काम में इतने व्यस्त होते हैं कि खाना खाते तक नहीं हैं। परिणामस्वरूप वजन बढ़ने लगता है। हालांकि, कुछ लोग डाइटिंग करने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसा ज्यादा दिन तक नहीं चल पाता। ऐसे में कैसा हो कि अगर आप अपने पसंद की चीज भी खाएं और वजन भी न बढ़े। इसमें चौंकने की बात नहीं है, ऐसा ऑलिव ऑयल की मदद से हो सकता है। आप अपने पसंदीदा खाने में थोड़ा-सा ऑलिव ऑयल मिलाएं, जिससे खाने का स्वाद तो बढ़ेगा ही साथ ही वजन भी कम होगा। एक शोध के अनुसार एक मेडिटेरेनियन डाइट में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल किया गया था। इस डाइट को लेने वाले लोगों में वजन कम होते हुए देखा गया। साथ ही उनके खून में एंटीऑक्सीडेंट की बढ़ोतरी भी पाई गई (2)। इसलिए, अगर आपको बढ़ते वजन की परेशानी सता रही है, तो आप व्यायाम के साथ-साथ ऑलिव ऑयल को भी अपने डाइट में शामिल करें।

2. कब्ज में जैतून का तेल

सही खान-पान न होने की वजह से आए दिन लोगों को पेट संबंधी परेशानियां लगी रहती हैं। कब्ज उन्हीं समस्याओं में से एक है। कब्ज की परेशानी में अगर जैतून के तेल का सेवन किया जाए, तो इससे काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है। जैतून का तेल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (gastrointestinal tract) और पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है (3)। जैतून के तेल का गाढ़ापन और टेक्सचर पाचन तंत्र की क्रिया को बढ़ाता है। इसके नियमित सेवन से कब्ज से आराम मिल सकता है। जैतून के तेल में प्रचुर मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैट (monounsaturated fats) होता है (4)। इसके अलावा, यह विटामिन-ई व के, आयरन, ओमेगा-3 व 6 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसकी मदद से न सिर्फ स्वास्थ में सुधार आता है, बल्कि पाचन तंत्र भी ठीक होता है और कब्ज की समस्या भी दूर होती है।

कब्ज में जैतून के तेल का उपयोग

कब्ज के लिए आप जैतून के तेल को कई तरह से उपयोग कर सकते हैं। यहां हम कुछ तरीके आपको बता रहे हैं।

कच्चा ऑलिव ऑयल या एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल

हर रोज दो बार एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का सेवन करें। एक चम्मच सुबह खाली पेट लें और दूसरा चम्मच रात को सोने से पहले पिएं। अगर आप खाली पेट पीना भूल जाएं, तो आप खाना खाने के कुछ घंटों बाद पिएं। इसे नियमित तौर पर लें, जब तक कि आपकी कब्ज की परेशानी दूर न हो जाए।

फलों के साथ जैतून का तेल

अगर आपको जैतून का तेल ऐसे पसंद नहीं, तो आप इसे फलों के साथ मिलकर खा सकते हैं। आप ऑलिव ऑयल को फाइबर युक्त फल जैसे – सेब और संतरे के साथ ले सकते हैं। सुबह पहले एक चम्मच जैतून का तेल पिएं और फिर उसके बाद फल को खाएं। अगर इससे असर न हो, तो आप शाम के समय फाइबर युक्त सब्जियों के साथ सेवन कर सकते हैं। जब तक कब्ज की समस्या ठीक न हो, इसका नियमित तौर पर सेवन कर सकते हैं।

संतरे के जूस के साथ जैतून का तेल

हर रोज सुबह एक गिलास संतरे के जूस में एक चम्मच जैतून का तेल मिलाएं और खाली पेट पिएं। यह आपके पाचन तंत्र को ठीक करेगा और कब्ज की समस्या को दूर कर पूरे दिन आपको स्वस्थ रखेगा। आप एक कप कॉफी के साथ भी जैतून का तेल पी सकते हैं।

नींबू के रस के साथ जैतून का तेल

अगर आपको संतरे का रस नहीं पसंद, तो आप नींबू के रस के साथ भी जैतून का तेल ले सकते हैं। एक चम्मच जैतून के तेल को नींबू पानी के साथ मिलाकर पिएं, इससे आपकी कब्ज की परेशानी दूर होगी। आप चाहें तो शाम के वक्त एक नींबू के फांक के साथ एक चम्मच ऑलिव ऑयल का सेवन करें, ताकि आप कब्ज की परेशानी से दूर रहें।

दूध के साथ जैतून का तेल

अगर आपको फल या फलों के रस का सेवन पसंद नहीं, तो आप दूध के साथ भी ऑलिव ऑयल का सेवन कर सकते हैं। जिनको गंभीर रूप से कब्ज की परेशानी है, उनके लिए यह नुस्खा बहुत असरदार साबित हो सकता है। आपको बस एक कप दूध में एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल मिलाकर सेवन करना है। आप हर रोज दूध में जैतून के तेल को अच्छे से मिलाकर खाली पेट सेवन करें। इसके नियमित तौर पर सेवन से आपको कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

Write By: admin Published In: DISEASE Hits: 611 Comment: 0

Ayurvedic Home Remedies for Nausea

  1. अदरक व प्याज का रस दो चम्मच पिलाने से उल्टी बन्द हो जाती है।

  2. प्याज के रस में शहद मिलाकर चाटने से उल्टी बन्द हो जाती है।

  3. हरी धनिया तथा पुदीने की चटनी बार-बार लेने से उल्टी में आराम मिलता है।

  4. जी मिचलाना शुरू होने पर नींबू पीने से भी उल्टी नहीं होती है।

  5. नींबू की शिकंजी पीने से उल्टी में आराम मिलता है।

  6. बार-बार उल्टियां होने पर आंवले का मुरब्बा खाने से आराम मिलता है।

  7. हरड़ को पीसकर शहद में मिलाकर चाटने से उल्टी बंद हो जाती है।

  8. एक कप पानी में 10 ग्राम शहद मिलाकर पीने से उल्टी रुक जाती है।

  9. लू बुखारा मुंह में चूसने से उल्टी में लाभ होता है।

  10. मौसमी का रस निकालकर उसमें थोड़ा सेंधा नमक डालकर एक-एक घंटे से पीने से उल्टी में फ़ायदा होता है।

Write By: admin Published In: Health Hits: 294 Comment: 0

अरंडी तेल के फायदे

भोजन में प्रयोग होने वाली चीज़ों को आम बोलचाल में मिर्च-मसाले कहा जाता है, जबकि आयुर्वेद में इन्हें प्राकृतिक औषधी कहा गया है। बात सिर्फ कहने भर की नहीं है, बल्कि वास्तव में ये मिर्च-मसाले व तेल विभिन्न रोगों में गुणकारी दवा का काम करते हैं। इन्हीं में से एक है अरंडी का तेल (कैस्टर ऑयल), जो त्वचा, बालों व सेहत के लिए रामबाण का काम करता है (1)। आज इस लेख में हम इसके फायदे, उपयोग व नुकसान के बारे में जानेंगे।

यह एक वनस्पती पौधा है। अरंडी की फलियों में प्रचुर मात्रा में तेल पाया जाता है, जिस कारण रेंड़ी के तेल को दुनिया भर में जाना जाता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि यह तेल क्यों गुणकारी है और रोजमर्रा के जीवन में इसका प्रयोग क्यों करना चाहिए।

अरंडी के तेल के फायदे – Benefits of Castor Oil in Hindi

अरंडी का तेल मुख्य रूप से बालों, त्वचा व बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे हमें विस्तार से एक-एक करके जानेंगे। सबसे पहले बात करते हैं कि रेंड़ी का तेल त्वचा के लिए किस-किस तरह से लाभकारी है।

 

त्वचा के लिए अरंडी तेल के फायदे

कैसे प्रयोग करें

  • थोड़ा-सा अरंडी का तेल लीजिए और इसे गुनगुना गर्म करके हल्के हाथों से चेहरे की मालिश कीजिए।
  • आप रात को सोने से पहले इसे लगाएं और अगली सुबह उठकर ठंडे पानी से मुंह धो लीजिए।
  • यकीन मानिए, आपके चेहरे पर गोरापन झलकने लगेगा।

    कैसे है लाभकारी

    अरंडी के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंट-एजिंग व एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। यह त्वचा को मॉश्चराइज़ करता है और उसमें निखार लेकर आता है। इससे मसाज करने से शरीर के अंदर रक्त प्रवाह अच्छा हो जाता है और चेहरा जवां व खिला-खिला नज़र आता है।

    2. मुंहासों के लिए

    सामग्री :

  • अरंडी के तेल की कुछ बूंदें
  • कैसे प्रयोग करें

  • रात को चेहरा गुनगुने पानी से धो लें और फिर अरंडी के तेल से चेहरे की मालिश करें।
  • अगली सुबह चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।
  • कैसे है लाभकारी

    जिन लोगों की त्वचा तैलीय होती है, उन्हें कील-मुंहासों का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोग अपने चेहरे पर किसी भी प्रकार का तेल या चिपचिपी क्रीम लगाने के बारे में सोचते तक नहीं है। वहीं, अरंडी का तेल लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है। इस तेल में रिसिनोलेस एसिड होता है, जो कील-मुंहासों को पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ता है (2) (3)।

    3. होंठों के लिए

    सामग्री :

  • आधा चम्मच ग्लिसरीन
  • आधा चम्मच अरंडी का तेल
  • आधा चम्मच नींबू
  • कैसे प्रयोग करें

  • इन सभी सामग्रियों को आपस में मिला लें।
  • रात को सोने से पहले इस मिश्रण को अपने होठों पर लगाएं और अगली सुबह धो लें।
  • कैसे है लाभकारी

    भारत में बदलते मौसम के साथ हमारे होंठ अक्सर फट जाते हैं। ऐसे में अरंडी का तेल काफी फायदेमंद साबित हो सकता है (4)। अरंडी का तेल होंठों की मृत त्वचा को नष्ट करता है और कालेपन को दूर कर, उन्हें गुलाबी बनता है। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि होंठों के लिए मार्केट में उपलब्ध कई उत्पादों में यह तेल शामिल होता है।

    4. काले घेरों के लिए

    सामग्री :

  • अरंडी का तेल व नारियल तेल
  • कैसे प्रयोग करें

  • अरंडी के तेल व नारियल तेल को बराबर मात्रा में मिला लें।
  • अब रात को सोने से पहले इसे ध्यान से आंखों के नीचे व आसपास उभर आए काले घेरों पर लगाएं।
  • करीब दो-तीन मिनट तक मसाज करें और फिर अगली सुबह चेहरे को धो लें।
  • कैसे है लाभकारी

    चेहरे पर उभर आए काले घेरों को साफ करने के लिए अरंडी के तेल को नारियल तेल के साथ प्रयोग किया जाना चाहिए। अरंडी के तेल की तरह नारियल तेल में एंटी-ऑक्सीडेंट व फैटी एसिड के गुण होते हैं (5)। साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है (6)। ये सभी तत्व त्वचा के अंदर रक्त संचार को बेहतर करते हैं।

  • कब लगाएं
  • जब तक आपके काले घेरे साफ न हो जाएं, तब तक हर रात इसे लगाएं।

    5. पिग्मेंटेशन

    सामग्री :

  • एक चम्मच अरंडी का तेल
  • आधा चम्मच हल्दी पाउडर
  • कैसे प्रयोग करें

  • तेल में हल्दी पाउडर को मिला दें।
  • पेस्ट को गाढ़ा करने के लिए और हल्दी पाउडर डाल सकते हैं।
  • अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर करीब एक घंटे के लिए छोड़ दें।
  • इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें।
  • कब लगाएं

  • इसे दिन में एक बार प्रयोग कर सकते हैं।
  • कैसे है लाभकारी

    पिग्मेंटेशन को कम करने के लिए इससे बेहतर फेस पैक नहीं हो सकता। अरंडी के तेल में फैटी एसिड, खासकर ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। ओमेगा-3 त्वचा में नमी बनाए रखता है और स्वस्थ टिशू को बढ़ने में मदद करता है। इससे चेहरा बेदाग व खिला-खिला नज़र आता है। कई शोध से यह स्पष्ट हो गया है कि पिग्मेंटेशन से निपटने के लिए अरंडी के तेल से बेहतर और कुछ हो ही नहीं सकता (7)।

Latest Blog

सेहत के लिए जैतून के तेल के फायदे सेहत के लिए जैतून के तेल के कई फायदे होते हैं, जिनके बारे में श...
अदरक व प्याज का रस दो चम्मच पिलाने से उल्टी बन्द हो जाती है। प्याज के रस में शहद म...
अरंडी तेल के फायदे भोजन में प्रयोग होने वाली चीज़ों को आम बोलचाल में मिर्च-मसाले कहा जाता है, जबक...